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प्रेग्नेंसी में घर की सजावट के सबसे सटीक टिप्स

Pregnancy

Prasoon Pankaj

3.1K बार देखा गया

7 hours ago

प्रेग्नेंसी में घर की सजावट के सबसे सटीक टिप्स
रोग प्रबंधन और खुद की देखभाल
नियमित टिप्स

घर वो स्थान जहां आपको सबसे ज्यादा सुकून मिलता है, घर जहां आपको शांति का एहसास होता है, घर जहां आप नींद में मीठे सपने देखती हैं…अब इसी घर में एक नन्हा मेहमान दस्तक देने वाला है…क्योंकि आप मां बनने वाली है। जाहिर है कि आप चाहती होंगी की आपका घर सबसे खूबसूरत दिखे और इसके लिए आपको अपने घर के सजावट को लेकर भी फिक्र रहती होगी। गर्भावस्था के दौरान घर की सजावट के बेहतरीन विचारों  (Home decoration ideas during pregnancy in Hindi) को हम यहां इस ब्लॉग में आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।

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प्रेग्नेंसी में घर को कैसे सजाएं (How to decorate the house during pregnancy in Hindi)

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    आप और आपके परिवार के सदस्य गर्भावस्था के दौरान आपकी हर जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। पौष्टिक भोजन, योग से लेकर ध्यान तक और इसके अलावा आप अपनी तमाम हॉबी या शौक को पूरा कर रही है लेकिन आपके दिमाग में ये बात जरूर आ रही होगी कि अपने घर को फिर से कैसे सजाएं? आपके घर की दीवारों का रंग से लेकर पर्दे के रंग बदलना ये सारी बातें आपके दिमाग में चल रही होंगी ना….

    1. अपने कमरों को अव्यवस्थित न होने दें- सबसे जरूरी चीज है कि अपने घर के कमरों को व्यवस्थित रखा जाए। दीवारों और फर्नीचल पर धूल, बिस्तर के नीचे अव्यवस्थित तरीके से रखे सामान कई बार आपके मन में नकारात्मकता पैदा कर सकते हैं। इसलिए जो भी चीजें इधर उधर बिखरे पड़े हैं सबसे पहले उनको करीने से सजा कर रखने के बारे में विचार करें। आपका घर जितना साफ सुथरा रहेगा उतना बेहतर।

    2. घर में बेकार पड़े सामानों को बाहर निकाल दें- खराब इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, पुराने अखबार या अन्य कई सामान जिनका आप महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रही हैं तो वैसे सामानों को घर से बाहर कर दें। आपके घर में ओपन स्पेस बहुत मायने रखता है, ये आपके विचारों को खुला रखने में मददगार साबित हो सकता है। 

    3. सूर्य की ओर मुख करके बैठने की आरामदायक व्यवस्था- सूर्य सकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। सूर्य ऊर्जा प्रदान करते हैं। आपने अपने बैठने के लिए जिस कमरे का चयन किया है प्रयास करें कि उस कमरे में सीधे सूर्य की रोशनी पड़ती हो। एक आरामदायक कुर्सी हो जिसपर आप सुकून के कुछ पल बिता सकें। उस कुर्सी पर सुंदर कुशन हो जिसे देखकर आपका मन प्रफुल्लित हो सके। 

    4. अपने मनोरंजन कक्ष का खास ध्यान रखें- प्रेग्नेंसी के दौरान आप जहां पर बैठकर टीवी देखती हैं उस स्थान का खास ख्याल रखें। कोशिश ये रहनी चाहिए कि उस कमरे में ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक रोशनी आ सके। आपका बिस्तर या सोफा साफ सुथरा रहना चाहिए। बुकशेल्फ जिसमें आपकी पसंदीदा किताबें हो, इसके अलावा कुछ स्मृति चिन्ह, अवॉर्ड से भी आप इसको सजा सकती हैं। आपकी शानदार यादों और बेहतरीन लम्हों की तस्वीरें इसकी सजावट में चार चांद लगा सकती है।

    गर्भावस्था के दौरान दीवारों और पर्दों का रंग कैसा होना चाहिए? (What should be the colour of walls and curtains during pregnancy in Hindi?)

    दीवारों और पर्दे का रंग आप अपनी पसंदादा रंग में रख सकती हैं लेकिन गुलाबी, हरा, हल्का नीला रंग, हल्के सुनहरे, गुलाबी या पीला रंग बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हरे रंग के तकिये पर सोने से आपको गर्भावस्था के दौरान मीठे सपने देखने में मदद मिल सकती है। प्रेगनेंसी के दौरान लाल, काला, भूरा, गाढा नीला इन रंगों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हल्के रंगों के प्रभाव से होने वाली माता का मन प्रसन्न रहता है। आप खुश तो आपके गर्भ में पल रहा नन्हा बच्चा भी खुश। 

    • पेंटिंग: दीवारों को हल्के रंगों से पेंट करें। नीला, हरा या हल्का पीला रंग शांति और आराम का अनुभव कराता है।

    • वॉल आर्ट: दीवारों पर प्रेरणादायक कला या तस्वीरें लगाएं। ये सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।

    • फ्लोरिंग का ध्यान: मुलायम और आरामदायक फर्श का चयन करें, जैसे कार्पेट या एरिया रग्स।

    • सामग्री का चयन: ऐसे फर्नीचर और सजावट का चयन करें जो आरामदायक हों। चमकदार और कठोर सामग्री से बचें।

    • प्राकृतिक प्रकाश: प्राकृतिक रोशनी को अधिकतम करने के लिए हल्की रंग की पर्दे का उपयोग करें। इससे कमरे में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

    • सुगंध: सुगंधित मोमबत्तियाँ या एयर फ्रेशनर का उपयोग करें, जो मानसिक शांति प्रदान करते हैं।

    4. प्रेग्नेंसी में घर की सजावट के लिए रंग (Colors for home decoration during pregnancy in Hindi ) - 

    रंगों का चयन करते समय, मानसिक स्वास्थ्य और आराम को ध्यान में रखें:

    • नीला: यह रंग शांति और स्थिरता का प्रतीक है।

    • हरा: यह ताजगी और जीवन का प्रतीक है, जो सकारात्मकता लाता है।

    • पीला: यह ऊर्जा और खुशी का प्रतीक है, जो मानसिक तनाव को कम करता है।

     घर के अंदर के पौधों को हरा-भरा रखें

    पौधे ऑक्सीजन का अच्छा स्रोत हैं। एलोवेरा और लैवेंडर जैसे घर के अंदर लगे हरे पौधे आपके आस-पास की हवा को शुद्ध करके आपको ताज़गी दे सकते हैं।

    प्रेग्नेंसी में घर की सजावट के लिए वास्तु टिप्स (Vastu tips for home decoration during pregnancy) -

    वास्तु शाष्त्र भी विज्ञान है और आपके गर्भावस्था के समय को तनाव मुक्त बनाने में वास्तु के टिप्स आपके लिए अत्यंत मददगार साबित हो सकते हैं। गर्भावस्था में वास्तु से संबंधित कुछ नियमों का पालन करने से नकारात्मकता से दूर रहा जा सकता है।

    1. आप अपने घर की दक्षिण पूर्व दिशा का खास ध्यान रखें। आप इस दिशा को साफ़ सुथरा रखें। इसके साथ ही यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो अपने घर की छत को अवश्य साफ़ रखें। अपने घर की छत पर किसी भी प्रकार का कचरा जैसे कि लकड़ी, कबाड़, लोहे की छड़ या अन्य बेकार सामान ना रखें।

    2. वास्तु टिप्स के अनुसार बेडरूम के दक्षिण-पूर्व दिशा में सोना चाहिए क्योंकि यह अग्नि तत्व से जुड़ा है। आपके बेड की व्यवस्था इस तरह से होनी चाहिए कि सोने समय मेंसिर दक्षिण दिशा की तरफ रहे। वास्तु एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे आपका एवं बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

    3.  कमरे का रंग रोगन करते समय सही रंगों का चयन करना चाहिए। कमरे की साज सज्जा बहुत ही सात्विक होनी चाहिए। बहुत ज्यादा भड़कीले रंगों का प्रयोग नहीं होना चाहिए।

    4. राधा कृष्ण की तस्वीर लगाएं- वास्तु एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्भवती महिला के कमरे की दक्षिण दीवार पर राधा कृष्ण की तस्वीर लगाएं। इससे पति पत्नी के बीच का तालमेल बना रहता है और बिना किसी परेशानी के ही बच्चे का जन्म होगा। 

    5. लड्डू गोपाल की तस्वीर- वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आप अपने कमरे की उत्तरी दीवार पर लड्डू गोपाल की तस्वीर लगाती हैं तो आने वाली संतान बहुत ही चरित्रवान, संस्कारी होती है और भगवान कृष्ण की कृपा संतान को मिलती है।

    6.  गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला जो दवा खाती है उसे घर के उत्तर पूर्व दिशा में रखें। इससे आपको उन दवाओं का बहुत अच्छा लाभ मिलेगा।

    7. कमरे में मोर पंख रखें- गर्भावस्था के दौरान अपने कमरे में मोर पंख को भी रख सकती हैं। मोर पंख को कमरे में रखना मां और बच्चे दोनों के लिए अत्यंत शुभदायक माना जाता है। 

    8.  गुलाबी रंग की तस्वीर लगाएं-  गुलाबी रंग को सुख और आनंद का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में गर्भवती महिला के कमरे में इस रंग की बड़ी तस्वीर लगाना शुभ होता है। साथ ही सफेद रंग शांति और अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कमरे में गुलाबी रंग के साथ सफेद रंग की तस्वीर या शो पीस भी रख सकते हैं।

    इन सभी वास्तु के नियमों के अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि घर के साउथ ईस्ट में कोई भी कट नहीं होना चाहिए। प्रेग्नेंसी में ऐसा कमरा ना चुनें जिसमें टॉयलेट भी इस दिशा में हो। वास्तु से जुड़ी इन सभी बातों को ध्यान में रखकर आप प्रेग्नेंसी के समय को आनंद के साथ बिता सकती हैं।शिशु के जन्म के बाद कुछ दिनों के लिए उसके लिए ईशान कोण वाला स्थान चुनें इससे बच्चा स्वस्थ रहेगा, रोगमुक्त रहेगा और उसका विकास अन्य बच्चों की अपेक्षा बेहतर होगा।

    2. प्रेग्नेंसी में बच्चे के कमरे की सजावट (Baby room decoration during pregnancy in Hindi ) -

    बच्चे के कमरे की सजावट करते समय, सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता दें।

    • थीम का चयन कैसे करें: एक सुखद और शांतिपूर्ण थीम चुनें। जैसे कि नर्सरी राइम्स, जानवरों की दुनिया, या नक्षत्रों की थीम।

    • रंग योजना: हल्के और सुखदायक रंग जैसे पेस्टल शेड्स का चयन करें। ये रंग बच्चे के मनोविज्ञान पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। बच्चे के कमरे को शांत और आरामदायक रंगों से सजाएं, जैसे हल्का नीला, हरा, या पीला।

    • सुरक्षा का ध्यान: फर्नीचर को सुरक्षित और गोल किनारों वाला चुनें ताकि चोट लगने का खतरा कम हो।

    • बच्चे का कमरा: इसे उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। 

    • कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, लेकिन सीधी रोशनी बच्चे की आँखों पर नहीं पड़नी चाहिए।

    • बच्चे के खेलने और सोने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। कमरे में हवा का संचार अच्छा होना चाहिए।

    • बच्चे के कमरे में झूला, पालना, या अन्य आरामदायक फर्नीचर रखें। दीवारों पर कार्टून, जानवरों, या प्रकृति से संबंधित चित्र लगाएं।

    प्रेग्नेंसी में घर की सजावट के लिए कुछ अतिरिक्त सुझाव

    सुरक्षा का खास ध्यान रखें। घर में बिजली के तारों और उपकरणों को सुरक्षित रखें। घर में धारदार वस्तुओं को बच्चों से दूर रखें। घर में फिसलने वाली सतहों से बचें। घर में धूम्रपान न करें। घर में संगीत या मंत्रों का जाप करें।

    प्रेग्नेंसी में घर की सजावट आपके लिए और होने वाले नन्हें शिशु दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उम्मीद करता हूं कि ये सारे टिप्स आपके लिए मददगार साबित होंगे। 

     

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