10 माह तक के शिशु का कैसा हो आहार ?

बच्चो के आहार को लेकर हमें बहुत से लोग सलाह देते है। 6 माह तक बच्चो को सिर्फ माँ दूध या फार्मूला दूध (formula milk) देना ही श्रेष्ठ माना जाता है। 6 माह से पहले ठोस आहार शुरू करने से बच्चे में पाचन और एलर्जी की समस्या हो सकती है। 6 month से पहले बच्चे को पानी तक नहीं देना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञों की राय माने तो 6 महीने से पहले बच्चे को पानी पिलाना खतरनाक हो सकता है।
कैसा होना चाहिए शुरूआती 6 महीने तक बच्चे का आहार ?/What Should Be 10 Months Child Diet in Hindi
बच्चों में भोजन पचाने वाले enzyme का बनना 4-से-6 महीने के बाद ही शुरू होता है जो की पाचन के लिए आवश्यक है।जब तक की बच्चे का पाचन तंत्र भोजन पचाने वाले enzyme को बनाना शुरू न कर दे तब तक ठोस आहार ना दें।
-
शिशु को 5 महीने तक सिर्फ मां का दूध या फार्मूला दूध ही पिलाना चाहिए और उसे छोड़कर खाने पीने के सभी पदार्थों से बच्चों को दूर रखें। क्योंकि बच्चे का पाचन तंत्र इस अवस्था तक विकसित हो रहा होता है इसलिए वो हर तरह के आहार को नहीं पचा पाता है।
-
बच्चे को इस उम्र में किसी भी प्रकार का ठोस आहार बिल्कुल भी न खिलाएं।
10 महीने तक के आपके बच्चे का आहार / 10 Months Old Baby Food Chart in Hindi
-
6 माह के बच्चे में जब आप पहली बार ठोस आहार की शुरुआत कर रहें हैं तो इसकी शुरुआत या तो सुबह के नाश्ते से करीये या फिर दोपहर के भोजन से। रात्रि भोजन में या सोने से पहले शरुआती दिनों में ठोस आहार न दें। इसी नियम का पालन उस वक्त भी करें जब आप कोई नई भोजन भी बच्चे को पहली बार दे रहीं हों तो।
-
6 महीने के बाद बच्चे, आप अपने बच्चे को ठोस आहार दे सकती है | बच्चों को इस समय तक फल, सब्जियां देना शुरू कर देना चाहिए। बच्चे को उबला आलू खाने को दें, उसमें हल्का नमक और नींबू के एक बूंद रस निचोंड दें।
-
इसके अलावा, कई अन्य सब्जियां जैसे- गाजर, गोभी, कद्दू और पालक को भी अच्छे से उबालकर पीसकर नमक डालकर बच्चे को खिलाना चाहिए। इस उम्र में बच्चे को अंडा भी देना शुरू किया जा सकता है। सप्ताह में 3 से 4 अंडे खिलाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
-
हर 6 माह के बच्चे को जरुरी नहीं की वो दो वक्त ठोस आहार ग्रहण करें। अगर बच्चा सिर्फ एक वक्त ही ठोस आहार ग्रहण कर रहा है और बाकि वक्त दूध पे निर्भर है तो भी कोई चिंता का विषय नहीं
-
शुरुआती दौर मैं बच्चे को दिन में सिर्फ एक बार आहार दें और वो भी बहुत थोड़ा सा। आहार की मात्रा धीरे-धीरे कर के आप बढ़ा सकते हैं।
-
बच्चे को ठोस आहार शुरू करने के बाद भी उसके प्रथम वर्ष मैं दूध ही उसका मुख्या पोषक आहार होगा।
-
बच्चे के पहले साल में उसे दूध पिलाना ना बंद करें।
-
जब बच्चा 9 से 10 महीने को हो जाएं तो उसे आप फिश, चिकन, और मीट भी खिला सकते है। लेकिन इसे अच्छी तरह पका और साफ्ट होना चाहिए, हड्डी वाला हिस्सा बच्चे को भूल से भी न दें।
-
प्रतिदिन कम से कम 500 मिली दूध पिलाएं इससे शरीर में अन्य पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है।
पहले 6 महीने तक बच्चे को क्या ना दें? / Foods You Should Not Feed to Infants in Hindi
शुरुआती 6 महीने में आपको अपने बेबी को कुछ खाद्य पदार्थों को बिल्कुल नहीं देना चाहिए।
- शहद (Honey) - बच्चे को पहले वर्ष के दौरान शहद से दूर रखें, क्योंकि इसमें क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम नामक बैक्टीरिया पाया जाता है। बड़ो का पाचन तंत्र इस बैक्टीरिया के विकास से लड़ सकता है, लेकिन यह शिशुओं में बोटुलिज्म रोग पैदा कर सकता है। यह एक खतरनाक बीमारी है जिसके कारण बच्चों को निमोनिया भी हो सकता है।
- गाय का दूध (Cow Milk) - गाय के दूध में प्रोटीन भरपूर होता है जो इस उम्र में बच्चे के लिए पचाना थोड़ा कठिन हो सकता है। यह आपके शिशु के पेट को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसके अलावा, बच्चे को उचित विकास के लिए आयरन और विटामिन ई जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो गाय के दूध में प्रचुर मात्रा में मौजूद नहीं होता है। यदि बच्चे के लिए मां का दूध कम पड़ रहा है तो आप उसे फार्मूला मिल्क दे सकते हैं।
- नमक (Salt) - शिशु के गुर्दे इतने विकसित नहीं होते कि नमक जैसी चीजों को पचा सके। इसलिए बच्चों के खाने में नमक का प्रयोग ज्यादा मात्रा में कभी न करें।
- दम घुटने का खतरा (Suffocation) - कुछ खाने के चीजे ऐसे होते हैं जो पहले वर्ष के लिए हमेशा कम से कम मात्रा में होनी चाहिए, क्योंकि ये उनके विंडपाइप में अटक सकते हैं। इससे बच्चों में घुटन का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि नट्स, सीड्स, पॉपकॉर्न, अंगूर, जेली, कच्ची सब्जियां आदि को हमेशा मसल कर या पीस कर ही बच्चे को खिलाएं।
Happy Parenting!
Be the first to support
Be the first to share
Comment (0)
Related Blogs & Vlogs
No related events found.
Loading more...